मैट्रिक
एग्जाम पास
करने के बाद क्या करें और आगे कौन सा विषय लें इसकी पूरी जानकारी हिंदी में
जानकारी
इस फाइल को डाउनलोड करे →→→Download- मैट्रिक के बाद क्या करें?
- मुझे मैट्रिक के बाद कौनसा विषय लेना चाहिए?
- मैट्रिक के बाद सबसे बढिया विषय कौनसा है?
- मैट्रिक के बाद क्या करियर विकल्प मौजूद हैं?
अनेको
सवाल
यदि आपने भी मैट्रिक पास की हैं या फिर मैट्रिक कक्षा में पढ
रहे हैं. तब आपके मन में ये सवाल जरूर आते होंग़े?
और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि ऐसा सोचने
वाले आप अकेले नहीं हैं.
आपके अलावा आपके दोस्त, माता-पिता, रिश्तेदार यहाँ तक पडोसी भी इस प्रकार के सवालों को सोचते
रहते हैं. और इनका समाधान ढूँढते रहते हैं. (आखिर सभी आपके लिए फिक्रमंद है.)
आज
आपका सबसे अच्छा दिन हैं!
क्योंकि आज इन सभी सवालों के जवाब आपको
मिलने वाले हैं. इस Education Guide
Notes में मैं आपको मैट्रिक
के बाद आपको क्या करना चाहिए और क्यों करना चाहिए? इस बारे में पूरी जानकारी दे रहा हूँ.
ये Study Education Guide Notesथोडी बडी हैं. इसलिए आपकी सुविधा के लिए
इसे कई छोटे-छोटे भागों में बांट दिया हैं.
Table of Content
मैट्रिक के बाद विषय क्यों बदलते हैं?
मैट्रिक के बाद हम कौनसी विषय ले सकते हैं?
कला संकाय यानि आर्ट्स
वाणिज्य संकाय यानि कॉमर्स
विज्ञान संकाय यानि साइंस
मैट्रिक के बाद डिप्लोमा कोर्स
मैट्रिक के बाद ITI कोर्स
मैट्रिक के बाद सरकारी नौकरी
मैट्रिक के बाद प्रोफेशनल कोर्स
हम सही विषय का चुनाव कैसे करें?
आपने क्या सीखा?
मैट्रिक के बाद
सब्जेक्ट क्यों बदलते हैं?
हमारे देश की शिक्षा प्रणाली (Indian Education System) के अनुसार मैट्रिक तक सभी विद्यार्थी एक
समान पढाई करते हैं. ताकि उनकी बुनियाद मजबूत हो जाए और वे अपनी रुचि को पहचान
सके.
मैट्रिक के बाद हमारी पढाई सामान्य से
विशेष और पेशेवर होती चली जाती हैं. और सभी विद्यार्थी सभी विषयों को भी नहीं पढ सकते
हैं.
इसलिए मैट्रिक के बाद हमें अपनी मन पसंद
विषय पढने का मौका दिया जाता हैं. ताकि हम उस विषय के विशेषज्ञ बन सके और अपना मन
पसंद करियर बना सके.
अब सवाल आता हैं कि मुझे मैट्रिक के बाद क्या करना चाहिए? कौनसी विषय लेनी चाहिए?
मगर इन सवालों का जवाब जानने से पहले ये
तो पता होना चाहिए कि मैट्रिक के बाद कौन-कौनसी विषय होती हैं. प्रत्येक विषय में
क्या करियर विकल्प होते हैं? और हम मैट्रिक के
बाद क्या-क्या कर सकते हैं?
मैट्रिक के बाद
हम कौन-कौनसी सब्जेक्ट ले सकते हैं – Career After मैट्रिक in Hindi?
मैट्रिक के बाद विषयों को मुख्यत: तीन
श्रेणीयों में बांट दिया जात हैं. प्रत्येक श्रेणी को संकाय (Stream) कहा जाता हैं.
- कला संकाय (Arts)
- वाणिज्य संकाय (Commerce)
- विज्ञान संकाय (Science)
इन तीनों विषय संकाय में अलग-अलग विषय
समूह होते हैं.
नीचे हम प्रत्येक संकाय में उपलब्ध विषय
और करियर विकल्पों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं.
मैट्रिक के बाद
आर्ट्स लेना – Study
Arts after मैट्रिक Class
आर्ट्स के बार में मान्यता हैं कि जो
विद्यार्थी नेतागिरी करना चाहते है और कम होशियार होते है. आर्ट्स केवल उन्ही
विद्यार्थीयों के लिए होती हैं.
Study Arts after मैट्रिक
मगर ये धारणा बिल्कुल निराधार हैं.
बल्कि सच्चाई तो यह कि हम इंसानों को
इंसान बनाने वाली विषय आर्ट्स हैं.
बडे-बडे दार्शनिक, राजनेता, अभिनेता, सामाजिक
कार्यकर्ता, वकील, जज, अफसर सभी लोग आर्ट्स को पढकर ही बनते
हैं.
अच्छा ठीक है तो आर्ट्स में कुल कितने
सब्जेक्ट होते है? ये सवाल आपके मन में चल रह होगा.
तो मैं आपकी जानकारी के लिए आर्ट्स में
मिलने वाले विषयों के बारे में नीचे बता रहा हूँ.
भाषा (Language)
कला वर्ग में आप मातृ-भाषा के अलावा अन्य
भाषाओं का अध्ययन विषय के रूप में कर सकते हैं. ये भाषा आपके शिक्षा बोर्ड एवं
क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती हैं.
मगर कुछ मुख्य भाषाओं के नाम हम बता रहे
है. जिन्हे आप कला वर्ग में विषय के रूप में ले सकते हैं.
- अंग्रेजी
- संस्कृत
- पंजाबी
- सिंधी
- उर्दु
- तमिल
- तेलूगु
- गुजराती
- हिंदी
- बंगाली
आर्ट्स विषय कौन
कौन होता हैं आइये देखते हैं !
इतिहास (History)
इतिहास में आपको भारतीय इतिहास पढाया
जाता हैं. यानि बीते समय में क्या हुआ था. उन घटनाओं के बारे में अध्ययन करवाया
जाता हैं.
अगर आपकी रुची ये जानने में रहती है कि
मुगलों ने हमें गुलाम कैसे बनाया? तो इतिहास आपके
लिऐ सही विषय हो सकता हैं.
इस विषय को पढने में आपकि रुचि होना बहुत
जरूरी हैं. नहीं तो सालों इतिहास पढने के बाद यहीं समझ नही आएगा कि बाबर का बेटा
हुमायुँ था या अकबर का बाप हुमायुँ था?
भूगोल (Geography)
हमारी धरती,पानी, पेड-पौधे कहाँ से
आए? समुंद्र किसने बनाए? पहाडों को कौन गढ रहा है?
यदि ये सवाल आपको उत्सुक करते हैं. तब आप
भूगों यानि Geography ले सकते हैं. इस विषय में हमारी धरती के
बारे में अध्ययन करवाया जाता हैं.
मनोविज्ञान (Psychology)
हम इंसान, जानवर कैसे सोचते हैं? जवाब किस आधार पर देते हैं? हम सभी इंसान एक जैसे क्यों नहीं हैं?
मनोविज्ञान इन सभी सवालों के जवाब आपको
दे सकता हैं. क्योंकि मनोविज्ञान में हम इंसानों के व्यवहार के बारे में अध्ययन
करवाय जाता हैं?
मनोविज्ञान में आप उच्च शिक्षा लेते है
तब आपके लिए इस विषय में बहुत ज्यादा करियर ऑप्शन खुल जाते हैं.
समाजशास्त्र (Sociology)
समाजशास्त्र में समाज नाम की संरचना का
अध्ययन करवाया जाता हैं. यदि आप समाज की संरचना को समझना चाहते हैं. तब आप
समाजशास्त्र ले सकते हैं. इस विषय का अध्ययन करना आगे चलकर आपको सेवा में मेवा का
विकल्प देता हैं.
दर्शनशास्त्र (Philosophy)
कला वर्ग इसी विषय की शाखाओं को विस्तार
हैं. यदि आप अकेला रहना पसंद करते हैं और खुद को दुनिया से अलग ही इंसान समझते
हैं. तब दर्शनशास्त्र को ले सकते हैं. इसमें दर्शन कि पढाई करवाई जाती हैं.
राजनीति (Political)
यदि आप हमारे देश और दुनिया भर में मौजूद
राजनीति को समझना चाहते है. तब आप राजनीति पढ सकते हैं. और राजनेता बनने का
प्रशिक्षण भी ले सकते हैं.
लोक प्रशासन (Public Administration)
यह राजनीति की दूसरी विषय है. और इसमें
प्रशासन के बारे में अध्ययन करवाया जाता हैं. हमारे देश का प्रशासन कैसे बनता हैं? इसकी संस्थाओं का गठन कैसे होता हैं? आदि के बारे में जानकारी दी जाती हैं.
संगीत(Music)
यदि आपको नाचने-गाने का शौक है. तब आप
अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए इस विषय का चुनाव कर सकते हैं. इसमें आपको संगीत
की बारीकियाँ सीखाई जाती हैं.
आर्ट्स विषय में
करियर विकल्प – Career
in Arts in Hindi
आर्ट्स विषय में सबसे ज्यादा करियर
विकल्प मौजूद हैं.
और मजे की बाद आप हमारे देश में सबसे बडे
पद पर भी इस विषय के द्वारा पहुँच सकते हैं.
अध्यापक, प्रोफेसर, प्रशासनिक अधिकारी
(जिला कलेकटर, एस पी, तहसीलदारआदि), राजनेता, कलाकार, पेशेवर, वकील जज, न्यायधीश इत्यादि
सभी बडे-बडे पद इसी विषय से ही निकलते हैं.
इसलिए आप कला विषय चुनकर अपना अच्छा
करियर बना सकते हैं. क्योंकि अधिकतर सरकारी नौकरियां भी कला विद्यार्थीयों के पास
ही होती हैं.
ध्यान दें: यदि आप कला संकाय लेने के
बाद अपना संकाय बदलना चाहते है. तब आप ऐसा नही कर सकते है. इसलिए सोच समझकर ही
अपना फैसला करें. ये वर्ग आपको दूसरा मौका नही देता हैं.
मैट्रिक के बाद
कॉमर्स (वाणिज्य) लेना – Study Commerce After मैट्रिक Class
कॉमर्स के बारे में एक धारणा हैं कि यह
तो बणियों का विषय हैं.
यह धारणा कुछ हद तक सटीक बैठती हैं.
वाणिज्य विषय में व्यापार यानि बिजनेस के बारे में अध्ययन करवाया जाता हैं.
Study Commerce After मैट्रिक
और हमारे देश में व्यापार बणियों द्वारा
ही किया जाता थाऔर उनका ही कब्जा रहा हैं. इसलिए इस विषय को तो बणियों को पढना
चाहिए.
मगर ये बात सही नहीं. आप, हम और कोई भी कॉमर्स की पढाई कर सकता
हैं. आपकी मेहनतऔर रुची के आगे कुछ भी संभव है. आप कुछ भी कर सकते हैं.
आइए, अब जानते हैं. वाणिज्य संकाय यानि कॉमर्स में कौन-कौनसी
विषय (Subjects) होती हैं?
लेखाशास्त्र (Accountancy)
कॉमर्स संकाय की यह सबसे प्रमुख विषय होती
हैं. इस विषय में लेखा यानि हिसाब-किताब के बारे में वैज्ञानिक और प्राचीन तरीकों
का अध्ययन करवाया जाता हैं.
आप बिजनेस के प्रकार, उसका हिसाब-किताब, सार-संभाल, कागजात, कानूनी काम आदि का
गहराई से अध्ययन करते हैं.
व्यापार प्रबंधन (Business Management)
इस विषय के अंतर्गत व्यापार का प्रबंधन
सही तरीके कैसे किया जाता हैं? इसके बारे में
पढाया जाता हैं.
सांख्यीकि (Statistics)
सांख्यीकि विषय आंकडों का विषय हैं.
जिसके अंतर्गत उपलब्ध कच्चे आंकडों से पक्की जानकारी निर्मित क्रना, आंकडों का वैज्ञानिक अध्ययन आदि के बारे में
पढाया जाता हैं.
संगणक (Computer)
इस विषय के
अंतर्गत कम्प्युटर की अवधारणाएं, कम्प्युटर का उपयोग, कम्प्युटर का महत्व, इसमें करियर आदि के बारे में पढाया जाता
हैं. साथ ही संगणक हमारे व्यापार के लिए कैसे लाभदायक हो
सकता है? इस बारे में भी सीख सकते हैं.
टंकण (Typing)
यह कम्प्युटर का सहायक काम हैं और कॉमर्स
में इसे अलग विषय बनाया गया हैं. इसमें High Speed Typing की तकनीके सीखाई जाती हैं. तथा आप Touch Typing को सीख जाते हैं.
अर्थशास्त्र (Economics)
पूँजी का अध्ययन इस विषय में कराया जाता
हैं. आप व्यापार को गहराई से समझते हैं और जानते हैं कि मांग़-पूर्ती का नियम कैसे
काम करता हैं.
गणित (Mathematics)
आपने सही पढा हैं. कॉमर्स में भी गणित
पढाया जाता हैं. यदि आप CA बनना चाहते है तब कॉमर्स में गणित पढना
समझदारी होगी.
कॉमर्स में
करियर विकल्प – Career
in Commerce in Hindi
कॉमर्स विषय के द्वारा आप व्यापार को तो
समझते ही है. साथ ही एक व्यापारी बनने का प्रशिक्षण भी ले लेते हैं. और एक
व्यापारी भी बन सकते हैं.
कॉमर्स विषय में CA – Chartered Accountant को सबसे बडा पद माना गया है. इसके अलावा
कंपनी सचीव (Company
Secretory) का कोर्स भी आगे
चलकर कर सकते हैं. और बडी-बडी कंपनियों में अपनी सेवा दे सकते हैं.
कॉमर्स विषय आपके लिए बैंकिग और फाईनेंस
सेक्टर के दरवाजे खोल देता हैं.
इसलिए आप सरकारी नौकरी के अलावा निजी
कंपनियों में भी अकाउंटेंट, कैशियर, बाबु का काम कर सकते हैं.
बाकि मुनिम जी तो आप कहलाते ही हैं.
मैट्रिक के बाद
सांइस लेना – Study
Science After मैट्रिक Class
सांइस विषय को होशियार विद्यार्थीयों की
विषय समझा जाता हैं. और जिन विद्यार्थीयों के 60 प्रतिशत के ऊपर अंक आते हैं. उन्हे इस विज्ञान संकाय लेने
की सलाह दी जाती हैं.
Study Science after मैट्रिक
अगर आपकी इस विषय में रुचि हैं और स्कूल
आपको कम नम्बर आने के बाद भी या आपके स्कूल में न्यूनतम अंक लाने की बाध्यता नही
है. तब आप ये विषय ले सकते हैं.
अब सवाल आता है कि साईंस में कौन-कौनसे
सब्जेक्ट होते है? तो मैं आपको बता दूँ विज्ञान संकाय में
विषयों को दो वर्गों में बांटा गया हैं.
- गणित
- जीवविज्ञान
गणित (Mathematics)
गणित वर्ग में गणित विषय पढाया जाता हैं.
और साथ में भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र भी पढनी होती हैं.
जीवविज्ञान (Biology)
जीवविज्ञान में मानव शारीर, वनस्पति, जीव-जंतुओं के बारे में पढाया जाता हैं. इस विषय के साथ भी
भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र को पढना पडता हैं.
सांइस में करियर
विकल्प – Career
in Science in Hindi
यदि आप डॉक्टर्स, इंजिनियर, गणितज्ञ, वैज्ञानिक, आविष्कारकबनना चाहते हैं. तब आपके लिए ये
विषय सही चुनाव हैं.
इसके अलावा सरकारी नौकरीयों में भी आपको
बहुत अवसर होते हैं. और कुछ भर्तीयाँ तो केवल विज्ञान विषय के छात्रों के लिए ही
होती हैं.
सांइस चुंकि वरीयता में श्रेष्ठ है.
इसलिए आपको संकाय बदलने की भी इजाजत होती है और आप कला संकाय तथा कॉमर्स संकाय में
जा सकते हैं.
मैट्रिक के बाद
डिप्लोमा कोर्स – Study
Diploma After मैट्रिक Class
यदि आप मैट्रिक के बाद आगे पढाई नही करना
चाहते हैं. और दो तीन साल बाद कंपनियों में काम करना चाहते हैं. तब आप Polytechnic Diploma में एडमिशन ले सकते हैं.
इस डिप्लोमा के माध्यम से आप कई
क्षेत्रों में काम करने का प्रशिक्षण ले सकते हैं. और उतीर्ण करने के बाद किसी भी
निजी या सार्वजनिक कंपनि में काम करने के योग्य हो जाते हैं.
Polytechnic Diploma धारकों को भारतीय रेल्वे में भी
प्राथमिकता दी जाती हैं. इसलिए सरकारी नौकरी के दरवाजे भी आपके लिए खुले रहते हैं.
मैट्रिक के बाद ITI करना – Study ITI After मैट्रिक Class
ITI – Industrial Training Institutes यानि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के
द्वारा इस कोर्स को करवाया जाता हैं. यह कोर्स Polytechnic Diploma का छोटा भाई है.
ये संस्थाए हर शहर, कस्बे में होती हैं. और सरकारी तथा निजी
दोनों प्रकार की होती हैं. इसलिए कोशिश करें कि आप किसी सरकारी ITI संस्थान में ही प्रवेश लेकर ही प्रशिक्षण
प्राप्त करें.
ITI Course की अवधी 6 माह से लेकर 2 साल तक होती हैं. यदि आप 2 साल का ITI Course कर लेते हैं. तब आप 12वीं कक्षा पास भी माने जाते हैं.
इसलिए ये कोर्स आपको दो फायदे देता है.
मैट्रिक
के बाद सरकारी नौकरी
मैट्रिक पास विद्यार्थीयों के लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे भी खुले हुए हैं. मगर आपको
अधिकतर चतुर्थ श्रेणी (D Grade) की नौकरी के काबिल ही समझा जाता हैं.
यदि आप मैट्रिक के बाद पढाई नहीं कर सकते
हैं. या करना नहीं चाहते हैं. तब आप सरकारी नौकरी में भी हाथ आजमा सकते हैं.
मैट्रिक के बाद
प्रोफेशनल कोर्स करना
मैट्रिक के बाद आप
बहुत सारे प्रोफेशनल कोर्स के योग्य भी हो जाते हैं. आप इन कोर्सों के माध्यम से भी
अपने आपको प्रशिक्षण दे सकते हैं और प्राईवेट नौकरी कर सकते हैं. या फिर खुद का
बिजनेस भी शुरु कर सकते हैं.
मैट्रिक के बाद
सही सब्जेक्ट कैसे चुनें?
एक अच्छे करियर के लिए सिर्फ पढाई करना ही काफि नही हैं. बल्कि सही पढाई करना महत्वपूर्ण हैं.
इसलिए मैट्रिक के बाद काफि सोच समझकर
अपनी विषय का चुनाव करना चाहिए.
क्योंकि आगे चलकर आप क्या बनेंग़े? ये बात कुछ हद तक आपकी किषय तय करने वाली
हैं.
इसलिए अपनी पसंद का काम और पद पाने के
लिए मैट्रिक के बाद सही विषय का चुनाव बहुत जरुरी हैं.
हम नीचे कुछ बिंदु साझा कर रहे हैं. जो
आपके लिए सही विषय चुनने में मददगार साबित होंगे.
1.
अपनी रुची यानि Interest को प्राथमिकता दें. तथा जिस विषय में आपका मन लगता हैं. उस
विषय ग्रुप को चुनें.
2.
आप क्या बनना चाहते हैं? ये सोचने के बाद जो विषय आपके लक्ष्य तक पहुँचने में सहायक
है. उसी विषय का चुनाव करें. मसलन, आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आर्ट्स पढना आपके लिए कोई
बेकार हैं.
3.
प्रत्येक विषय में उपलब्ध करियर विकल्पों का अध्ययन अवश्य
करें. जिनके बारे में हम ऊपर पहले ही बता चुके हैं.
4.
अपने माता-पिता और स्कूल की मदद लेना समझदारी होगी.
5. देखा देखी बिल्कुल ना करें. और केवल
दोस्त का साथ पाने के लिए विषय का चुनाव करना नासमझी होगी.
मैं अविनाश कुमार उम्मीद करता हूँ की आप सबको
अच्छे से जानकारी देने में सक्ष्म रहा हूँ ऐ जानकारी आपको आपके किसी भी साथी के
लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा !
आपको ये जानकारी कैसी लगी कमेंट कर के जरुर बताए
ताकि आगे भी मैं इस तरह की जानकारी आप सबको दे सकू !!
यदि इसमें किसी भी तरह की अचूक गलतियों के लिए
मैं छमा चाहता हूँ लेकिन इसमें और क्या जोड़ा जाये आप मुझे जरुर बताये !
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1 Comments
Very good
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